अच्छी और गहरी नींद के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स Follow these 10 tips for good sleep

नींद आने का पूरा कनेक्शन हमारे दिमाग से होता है हमारे दिमाग में मेलाटोनिन नाम का स्लीपिंग हार्मोन रिलीज होता है और इस हार्मोन को रिलीज होने के लिए दिमाग का शांत होना काफी ज्यादा जरूरी होता है। पूरे दिन हमारा दिमाग अनेक कामों को अंजाम देने से थक जाता है।

जो कि रात को अच्छी नींद आने पर खुद को रिपेयर करके अगले दिन के लिए तैयार करता है। लेकिन जब कभी भी किसी भी वजह से हमें रात को नींद नहीं आती तो हमारा पूरा शरीर बहुत ही ज्यादा थकावट महसूस करता है और इसी वजह से पाचन में गड़बड़ी, आलस आना, कमजोरी, आंखों में जलन का होना, सर में दर्द होना और त्वचा का काला पड़ना, आंखों के नीचे काले घेरों का होना सेक्शल कमजोरी और भी अनेक तरह की समस्या शुरू होने लगती है।

इसीलिए दोस्तों आज हम आपको इस पोस्ट में 10 ऐसी गलतियों के बारे में बताएंगे जिसकी वजह से रात को नींद ना आने की समस्या वक्त के साथ-साथ बढ़ती रहती है। इसीलिए अच्छी नींद पाने के लिए हमें अपनी गलतियों में सुधार करना बहुत जरूरी है।

1. ज्यादातर दिन के समय लेट कर या बैठकर वक्त का बिताना

ज्यादातर दिन के समय लेट कर या बैठकर वक्त का बिताना क्योंकि जब हमारा शरीर ज्यादा आराम में होता है तो हमारे दिमाग को ऐसा लगता है कि हमें अब और ज्यादा आराम की जरूरत नहीं है और इसी वजह से रात को जल्दी नींद ना आने की समस्या शुरू होने लगती है।

खास करके लॉक डाउन की वजह से यह समस्या काफी ज्यादा लोगों में देखने को मिल रही है। इसीलिए आपको दिन में कुछ ना कुछ फिजिकल एक्टिविटी करने का खास ख्याल रखना चाहिए।

2. बिस्तर पर लेटने के बाद सोचने की आदत

कुछ लोगों को रात में लेटने के बाद अपने काम और अपनी जिंदगी के बारे में सोचने की आदत होती है। जोकि एक बहुत ही बुरी आदत है क्योंकि रात को सोते समय सोचने से हमारा दिमाग कड़ी से कड़ी मिलाने लगता है और सोच के समंदर में डूबकर पूरी तरह से एक्टिव हो जाता है और फिर हमारी एक सोच खत्म होती है दूसरी शुरू हो जाती है।

इसी वजह से नींद आंखों से कोसों दूर भाग जाती है इसीलिए बिस्तर पर लेटने के बाद आपको किसी भी बारे में नहीं सोचना चाहिए। यहां तक कि अगर आप घर के बाकि लोगों के साथ सोते हैं तो आपको जो भी बातें करनी है वह सारी बातें रात को सोने से एक घंटा पहले खत्म कर लेनी चाहिए। क्योंकि अगर बिस्तर पर लेटने के बाद आप बात को लंबा कर लेते हैं तो इससे भी जल्दी नींद ना आने की समस्या बढ़ जाती है।

3. मन में ख्यालातों का आना

कभी-कभी कुछ लोगों के साथ ऐसा भी होता है कि ना चाहते हुए भी मन में ख्यालात आने लगते हैं और इसी वजह से नींद आने में काफी सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ऐसा होने की सबसे बड़ी वजह है डिप्रेशन या फिर किसी भी तरह के मानसिक तनाव का होना। लेकिन आपको यह बात समझनी जरूरी है कि तनाव किसी काम की वजह से भी हो सकता है।

लेकिन आज के जमाने में ऐसा होने का सबसे बड़ा कारण है मोबाइल या फिर कंप्यूटर स्क्रीन का हद से ज्यादा इस्तेमाल करना। क्योंकि स्क्रीन पर लगातार देखने से कम समय में ज्यादा इंफॉर्मेशन हमारे दिमाग में स्टोर हो जाती है जिस वजह से हमारा दिमाग पूरी तरह से थक जाता है और जब हमारा दिमाग थकता है तो हमें सिर्फ आलस-सुस्ती महसूस होती है लेकिन हमें नींद बिल्कुल भी नहीं आती।

क्योंकि नींद आने का सिंपल सा तरीका है कि जब हमारा दिमाग एकदम शांत होगा और शरीर थकेगा तो हमें बहुत ही मस्त नींद आएगी। लेकिन अगर हमारा शरीर दिन भर आराम में रहेगा और दिमाग थक जाएगा तो सोते समय हमें अजीबोगरीब ख्यालात आने लगते हैं और नींद तो बिल्कुल भी नहीं आती। इसीलिए जहां तक भी हो सके आप दिमाग को आराम और शरीर को काम पर लगाकर रखें। 

4. सोने व जागने का टाइम फिक्स ना होना

जिन लोगों का सोने व जागने का टाइम फिक्स नहीं होता ऐसे लोगों में अक्सर नींद ना आने की समस्या होती है और ऐसा इसलिए होता है कि जब वह हर दिन अलग-अलग समय पर सोते हैं तो हमारा दिमाग कंफ्यूज हो जाता है और इसी वजह से हमारा दिमाग समझ नहीं पाता कि हमें कब सोना है और कब जागना है। इस वजह से भी रातों को नींद ना आने की समस्या शुरू होने लगती है।

लेकिन अगर सोने और जागने का टाइम फिक्स होता है तो फिर सही समय पर बहुत तेज की नींद आती है और सुबह नींद भी सही समय पर खुल जाती हैं। इसीलिए सभी को सोने और जागने का समय फिक्स कर लेना चाहिए रात को 9:00 से 10:00 के बीच सोना और सुबह को 4:00 से 5:00 के बीच जागना एकदम परफेक्ट टाइम होता है। आपको भी अपनी आदतों में धीरे-धीरे सुधार करना चाहिए।  

5. खाना खाने के फौरन बाद सोना

आज के दौर में अक्सर लोग रात का खाना काफी लेट खाते हैं और फिर खाना खाने के फौरन बाद सो जाते हैं और इससे जल्दी नींद आने में काफी समस्या होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि खाना-खाने के बाद हमारे शरीर में ब्लड का सरकुलेशन काफी तेज हो जाता है और हमारा दिमाग खाने को पचाने के लिए एक्टिव हो जाता है।

इसी वजह से यह हमारे पाचन पर बहुत बुरा असर डालता है और साथ ही जल्दी नींद ना आने की समस्या भी शुरू होने लगती है। खाने और सोने के बीच में कम से कम 1 से 2 घंटे का गैप होना जरूर है।

6.बिस्तर में लेट ने के बाद मोबाईल का प्रयोग करना

कुछ लोगों को बिस्तर में जाने के बाद भी मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत होती है। यह तरीका बहुत ही गलत है क्योंकि जो मोबाइल से निकलने वाली लाइट हमारी आंखों पर पड़ती है तो हमारे दिमाग को ऐसा लगता है कि अभी भी दिन का समय है और इसीलिए दिमाग में स्लीपिंग हार्मोन ठीक से रिलीज नहीं हो पाता।

इसलिए जल्दी नींद ना आने की समस्या का सामना करना पड़ता है। सोने से एक घंटा पहले टीवी मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन से अपने आपको अलग कर लेना चाहिए। साथ ही सोने से पहले आपको ढीले कपड़े पहनने चाहिए और बेडरूम की बहुत ज्यादा ब्राइट लाइट को भी बंद कर दें। क्योंकि आपकी आंखों के सामने जितना अच्छा अंधेरा होगा आपको नींद भी उतनी ही अच्छी आएगी।  

7. पानी का सही मात्रा में इस्तेमाल करना

दोस्तों पानी का सही मात्रा में इस्तेमाल करना हमारी बॉडी के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होता है। लेकिन कुछ लोगों को सोने से तुरंत पहले या फिर नींद में उठकर पानी पीने की आदत होती है।

जो कि अक्सर नींद में खलल पैदा करता है क्योंकि सोने से तुरंत पहले पानी-पीने से हमें जल्द ही टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है। जिससे हमारी नींद खुल जाती है और फिर दोबारा से नींद आने में काफी समय लग जाता है इसीलिए अगर आप सोने से पहले या फिर रात को उठकर पानी पीते हैं तो आपको पानी की मात्रा बहुत ही कम रखनी चाहिए।

8. नींद की गोलियों का इस्तेमला करना

आज के समय में अक्सर लोगों को जब रात में नींद नहीं आती तो वह लोग अपनी गलतियों को सुधारने के बदले नींद की गोलियों का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। जो कि आगे चलकर काफी परेशानी की वजह बनती हैं क्योंकि नींद की गोलियों का ज्यादा इस्तेमाल करने से वह हमारे दिमाग को जबरदस्ती ज्यादा मात्रा में स्लीपिंग हारमोंस छोड़ने के लिए मजबूर करता है। इसी वजह से शुरू-शुरू में तो हमें बहुत अच्छी नींद आ जाती है।

लेकिन रेगुलर नींद की गोलियों का इस्तेमाल करने से धीरे-धीरे हमारी बॉडी के अंदर सिलिपिंग हार्मोन रिड्यूस होना बंद हो जाता है और फिर इस वजह से व्यक्ति को पूरी तरह से नींद की गोली पर ही निर्भर होना पड़ता है।

काफी समय बाद फिर ऐसा होता है कि नींद की गोली खाने के बावजूद भी नींद नहीं आती। इसीलिए अगर आप में से किसी को भी नींद की समस्या होती है तो आप यह गोली ना खाए बल्कि अपने दिन भर में की जाने वाली गलतियों पर ध्यान देकर उन्हें सुधारने की कोशिश करें और जितना भी हो सके नींद की गोलियों से दूर रहें।

9. रात के समय कॉफ़ी या चाय का इस्तेमाल करना

रात के समय कॉफ़ी या चाय का इस्तेमाल करना भी नींद ना आने का सबब बन सकता है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चाय और कॉफ़ी में मौजूद कैफीन हमारे ब्रेन सेल्स को एक्टिवेट कर देता है। जिससे कि दिमाग को शांत होने में काफी समय लग जाता है इसीलिए आप सोने से दो-तीन घंटे पहले ही चाय या कॉफी लें।

10. पैरों का बहुत ज्यादा गर्म या ज्यादा ठंडा होना

पैरों का बहुत ज्यादा गर्म या फिर बहुत ज्यादा ठंडा होना भी हमारी नींद पर असर डालता है। आपने इस बात को खुद भी देखा होगा कि सर्दियों के मौसम में हमारे पैर बहुत ज्यादा ठंडे हो जाते है और गर्मियों के मौसम में काफी ज्यादा गर्म हो जाते हैं और इस वजह से भी नींद ना आने की समस्या शुरू होने लगती है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि पैरों का सीधा कनेक्शन हमारे दिमाग से होता है। इसी वजह से दिमाग जल्दी शांत नहीं हो पाता जिस वजह से हमारी नींद पर भी बहुत ज्यादा असर पड़ता है। अगर गर्मियों का मौसम है तो सोने से कुछ देर पहले एक बर्तन में पानी भरकर उसमें 10 मिनट के लिए अपने पैरों को डालें चाहे तो आप नहा भी सकते हैं और अगर सर्दियों का मौसम है तो आप अपने पैरों में सरसों के तेल की मालिश कर लें। ऐसा करने से दिमाग शांत हो जाता है और फिर हमें रात को नींद भी बहुत अच्छी आती है।

Post Source:Unani Nuskhe

Image Source: tv9hindi.com

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