दोस्तों क्या आपने कभी इस बात को नोटिस किया है की बरसात के मौसम में पेट अक्सर गड़बड़ क्यों हो जाता है ?
सर्दियों में नजला जुकाम बार-बार होता रहता है और गर्मियों में अक्सर पेट में जलन रहती है ।
क्या आप लोग जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है तो दोस्तों जब-जब मौसम बदलता है तो हमारे शरीर में भी काफी सारे बदलाव आते है।
आयुर्वेद के अनुसार हर मौसम की अपनी एक दिनचर्या होती है
बारिश के मौसम में, सर्दी के मौसम में और गर्मी के मौसम में हम सभी को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए ।
दोस्तों आज हम आपको इस पोस्ट में आयुर्वेद की वह सीक्रेट बातें बताएंगे जिन्हें हमारे पूर्वज तो बहुत अच्छी तरह से जानते थे लेकिन शायद हम लोग इन्हें भूल चुके हैं।
हर मौसम की अपनी एक डाइट और लाइफस्टाइल होता है इसे फॉलो करके आप पूरे साल हेल्दी रह सकते हैं।
दोस्तों सबसे पहले हम आपको बताते हैं बरसात के इस मौसम की जो कि अभी चल रहा है। इस मौसम में आपको क्या खाना चाहिए और किन-किन चीजों से हमें दूरी बनाकर रखनी चाहिए आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे।
जब भी बारिश होती है तो हम सभी के मन में सबसे पहला ख्याल चाय और पकौड़े खाने का आता है लेकिन क्या आप जानते हैं की ये आदत अच्छी नहीं है।

बारिश के मौसम में गर्मी कम और हवा में नमी ज्यादा हो जाती है ऐसे मौसम में हमारी पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है और शरीर में कीटाणु पैदा होने लगते हैं। इसीलिए बारिश के मौसम में हमे हल्का भोजन खाना-चाहिए जो कि बहुत ही आसानी से पच जाए।
आयुर्वेद के अनुसार यह सब कफ के बढ़ने की वजह से होता है। इसीलिए हमें बारिश के मौसम में कच्चा, हैवी और ठंडा खाना नहीं खाना चाहिए।
बारिश के दिनों में गरम-गरम सूप पिए, दाल की खिचड़ी खाएं और साथ ही सब्जियां खानी चाहिए। मूंग दाल और चावल की खिचड़ी तो इस मौसम के लिए बहुत ही बेस्ट ऑप्शन है।

आप चाहे तो मूंग दाल खिचड़ी में देसी घी डालकर भी खा सकते हैं इसी तरह से खाना बनाते समय आपको इनमें अदरक, हल्दी, धनिया और जीरे का इस्तेमाल भी करना चाहिए यह सभी चीज़े हमारी पाचन क्रिया को तेज करती हैं जो की बरसात में बहुत जरूरी है।

बारिश के मौसम में क्या खाएं और क्या ना खाएं?
बारिश के मौसम में आपको एकदम ताजा और गरम-गरम खाना-खाना चाहिए जैसे की सूप,खिचड़ी, दाल या गरम-गरम सब्जी खानी चाहिए ठंडा या रखा हुआ खाने से परहेज करें

बारिश के मौसम में आपको नाश्ता हमेशा हल्का करना चाहिए जैसे कि पोहा, उपमा, इडली सांभर या फिर गरम-गरम मूंग दाल का चीला।

रोज सुबह-सुबह गर्म पानी में अदरक और सौंफ को उबालकर पी ले इससे डाइजेशन बहुत अच्छा होता है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत हो जाता है। हफ्ते में दो बार तुलसी और गिलोय का काढ़ा बनाकर पी ले।
डेली रूटीन में आप ठंडे पानी की जगह हल्के गर्म पानी से नहाना शुरू कर दें क्योंकि इससे हमारे शरीर में वात दोष कंट्रोल में रहेगा।

बारिश के मौसम में आपको क्या नहीं खाना चाहिए
बारिश के मौसम में आपको कच्ची सब्जियां, सलाद, छाज, दही, कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा ऑइली स्नैक्स नहीं खाने चाहिए। ज्यादा पानी वाले फल न खाएं जैसे कि तरबूज, खरबूजा

क्योंकि बरसात में हमारे शरीर में पानी ज्यादा हो जाता है और इन फलों को लेने से आपके शरीर में और ज्यादा सुस्ती या डाइजेशन इश्यू भी हो सकते हैं।
समर सीजन में पेट में जलन डिहाईड्रेशन होती है आयुर्वेद के अनुसार गर्मी के मौसम में ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करना चाहिए जो कि हमारे पेट और मन दोनों को कूल रख सके।
गर्मी के मौसम में आपको रोजाना खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा या फिर नारियल पानी जैसी ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए। सब्जियों में लौकी, तोरी, टिंडा और पुदीने के रायते का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए।

इसके अलावा छाछ में जीरा पाउडर और पुदीना मिला कर पीने से यह आपके पेट को ठंडा रखेगा और डाइजेशन को भी स्मूद रखेगा। आयुर्वेद के अनुसार सौंफ वाला पानी आप रोजाना पिए।

रात को सौंफ को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह को आप इसे छान कर पी लें। अगर आप चाहे तो इसे उबालकर भी पी सकते हैं यह बहुत ही ठंडा ड्रिंक है जो कि गर्मियों में आपको बहुत फायदा देता है।
इसके अलावा पुदीने की चटनी का भी आप रोजाना इस्तेमाल करें इसकी तासीर ठंडी होती है और टेस्ट में भी जबरदस्त लगती है।

दोपहर की तेज धूप में बाहर जाने से बचे सुबह और शाम में हल्का योगा करें हफ्ते में दो से तीन बार नारियल के तेल से अपने शरीर की मालिश करें जिससे आपकी बॉडी और आपका माइंड दोनों ही फ्रेश रहेंगे।
विंटर सीजन में हमारा शरीर ठंडा हो जाता है जोड़ों में दर्द होने लगता है और हमारा इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में खाना थोड़ा हैवी और नरेशिंग होना चाहिए सर्दियों में उड़द की दाल की खिचड़ी, दलिया और ओट्स आपको जरूर खाने चाहिए यह अंदर से आपके शरीर को गर्म करते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।

इसी तरह से तिल गुड़ के लड्डू खाने से भी हमारे शरीर में गर्मी और एनर्जी दोनों बढ़ती है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में थोड़ी सी हल्दी डालकर पी लें यह सर्दी खांसी और जोड़ों के दर्द को दूर करता है और हमारे शरीर को गर्म रखता है।

इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए रोजाना तुलसी, इलायची, दालचीनी और अदरक वाली चाय जरूर पिए।
रोजाना सुबह को 10 से 15 मिनट धूप में बैठे ताकि विटामिन डी की कमी ना रहे साथ ही शरीर भी गर्म रहेगा हफ्ते में दो बार सरसों या तिल के तेल से अपने शरीर की मालिश करें।
इससे सर्द हवा असर नहीं करेगी हमारा शरीर नरेश रहेगा जॉइंट में तरावट आएगी ये जो तेल होते है इनकी तासीर गर्म होती है इसी वजह से हमारे शरीर पर ठंड का असर भी नहीं होगा।
आयुर्वेद के अनुसार इस ऋतुचर्या का पालन करने से हमारा शरीर एकदम संतुलित रहेगा हर मौसम में हम मौसम के अनुसार खानों का ध्यान रखेंगे और अपनी लाइफ स्टाइल में थोड़ा बदलाव लाएंगे तो हमारा इम्यून सिस्टम भी काफी मजबूत बना रहेगा।
Post Source: Healthy Hamesha