कलौंजी और शहद के फायदे और उपचार Kalonji Benefits in Hindi

Kalonji Benefits in Hindi ऐसा कहा जाता है की कलौंजी मौत को छोड़कर हर मर्ज़ की दवा है इस पोस्ट के ज़रिये आज आप जानेंगे कलौंजी के फायदे और कलौंजी से उपचार आखिर कैसे किएं जाते है या फिर कलौंजी का सेवन किस तरह से करना है और कलौंजी किन किन मर्जो में आपको फायदा पहुंचाती है।

कलौंजी के फायदे Kalonji Benefits in Hindi

विभिन्न रोगों में कलौंजी से कैसे करें उपचार

कलौंजी का इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों और मसालों तथा अनेक प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। सबसे ज़्यादा तो कलौंजी का उपयोग यूनानी दवाओं को बनाने में किया जाता है अनगिनत रोगों को ठीक करने वाला कलौंजी का ये पौधा सोंफ के पौधे से थोड़ा सा छोटा होता है और इसमें हलके नीले व पीले फूल आते हैं इनका बीज जिसको हम कलौंजी बोलते हैं वो काले रंग का होता हैं कलौंजी अधिकतर हर घर में मौजूद रहने वाली चीज़ है।

ये जीवन से भरपूर व बहुत सारे गुणों वाली एक असरदार दवा है लेकिन बहुत ही कम लोग इसके गुणों के बारे में जानते हैं कलौंजी बहुत से रोगों में और बहुत ही तेज़ी से फायदा करती हैं आज हम उनमे से यहाँ आपको कुछ रोगों का उपचार बता रहे हैं।

कलौंजी के बीजों का सेवन आप ऐसे ही कर सकते हैं और इसके अलावा आप इसमें एक छोटा चम्मच कलौंजी के बीजों को शहद के साथ मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं या फिर कलौंजी को आप पानी में उबालकर छान लें और इस पानी को पीएं ऐसे भी आप कलौंजी क इस्तेमाल कर सकते हैं।

एक तरीका यह भी है के आप कलौंजी को दूध में उबाल लें और जब दूध ठंडा हो जाएं तब इसको छानकर पीएं कलौंजी को आप मिक्सर में अच्छी तरह से ग्राइंड कर लें और पानी या फिर दूध के साथ इसका चूर्ण सेवन कर सकते हैं एक मॉर्डन तरीका ये भी है कि आप कलौंजी को पनीर, ब्रैड व पेस्ट्रियों पर छिड़क कर भी इसको खा सकते हैं।

कलौंजी के फायदे, इन तमाम रोगों में कलौंजी का करें सेवन shahad aur kalonji ke fayde

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  1. कलौंजी को बारीक पीसकर सिरके में मिलकर रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर लगाएं और सुबह उठकर ठन्डे पानी से चेहरे को धो लें ऐसा करने से आपके चेहरे के मुंहासे एक सप्ताह में ही ठीक हो जाएंगे।
  2. कान की सूजन में या फिर बहरापन में कलौंजी के तेल को अच्छे से कधकधा लें और ठंडा होने के बाद कान में डालने से कान की सूजन ख़त्म हो जाती है और साथ ही साथ इससे कम सुनायी देना और बहरापन जैसे रोगों में भी फायदा होता है।
  3. आंखों में लाली हो या मोतियाबिंद, या आपकी आंखों से पानी आता हो इसके अलावा आंखों की रोशनी कम हो या कोई सा भी आंखों के रोगों में आप एक कप गाजर का रस लें और करीब आधा चम्मच कलौंजी का तेल अब इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर दिन भर में कम से कम दो बार इसका सेवन करें इससे आपकी आंखों के सभी नेत्र सम्बन्धी रोग ठीक हो जाते हैं।
  4. आप जली हुई कलौंजी को सरसों के तेल में मिलाकर रोज़ाना सिर पर मालिश करें इससे गंजापन दूर होता है और अगर आपके बाल झड रहे हैं तो फिर उनकी जगह पर नए बाल उग आते हैं।
  5. प्रसव पीड़ा में कलौंजी का काढ़ा बनाकर पीने से प्रसव की पीड़ा में बहुत आराम मिलता है।
  6. पुराने ज़ुकाम और नजले को ठीक करने के लिए आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबाल लें कि पानी खत्म हो जाएं और केवल तेल ही रह जाएं फिर इसके बाद आप इसे छानकर दो बूंद नाक में डालें ऐसा करने से आपका पुराने से भी पुराना सर्दी-जुकाम ठीक हो जाता है।
  7. 10 ग्राम कलौंजी के बीज लें और इसमें आप तीन छोटे चम्मच शहद के साथ मिला लें ये आप रोज़ाना रात को सोते समय थोड़े दिन तक नियमित रूप से इस्तेमाल करने से पेट के कीडे़ पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं।
  8. दाद, खाज व खुजली में कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर प्रभावित त्वचा पर मालिश करने से चार्म रोगों में आराम मिलता है और कलौंजी इसे जड़ से भी खत्म कर देती है।
  9. एक कप गरम पानी लें और उसमे आधा चम्मच कलौंजी का तेल डालकर रात को सोते समय पीने से स्नायुविक विकार व मानसिक टेंशन दूर होती है।
  10. कलौंजी के बीजों को सेंक लें और इनको कपड़े में लपेटकर सूंघने से इसके अलावा कलौंजी का तेल और जैतून का तेल दोनों को बराबर मात्रा में लें और दो-दो बूँद नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम ख़त्म हो जाता है।
  11. कलौंजी के आयल को एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक रोज़ाना पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा ठीक होता है।
  12. आधा चम्मच पिसी हुई कलौंजी लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से आपका मलेरिया का बुखार ठीक हो जाता है।
  13. एक कप पानी में 50 ग्राम के करीब हरा ताज़ा पुदीना उबाल लें और इस पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय इसका सेवन करने से 21 दिनों में खून की कमी दूर हो जाती है। रोगी को खाने में खट्टी चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  14. अगर आपको बहुत ज़्यादा और बार-बार छींके आती हैं तो फिर आप कलौंजी के बीजों को पीसकर उनका काढ़ा बना ले और दिन में 15 से 20 बार रह रह कर इसको सूंघें।
  15. जिन लोगों का सोते समय रात को नींद में वीर्य अपने आप निकल जाता हो तो एक कप सेब के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर इसका दिन में दो बार सेवन करने से बहुत फायदा होता है और इससे स्वप्नदोष भी दूर हो जाता है।
  16. कलौंजी की भस्म को बबासीर के मस्सों पर नियमित रूप से लगाने से पुरानी से पुरानी बवासीर की बीमारी ठीक हो जाती है।
  17. पथरी के रोगों में आप 250 ग्राम कलौंजी के बीजों को पीसकर 125 ग्राम शहद के साथ मिला लें और फिर इसमें आप आधा कप पानी और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें इसका आप रोज़ाना दिन में दो बार खाली पेट सेवन करें इस तरह से 21 दिन तक इसको पीने से पथरी गलकर पेशाब के रास्ते बहार निकल जाती है।
  18. यदि किसी प्रसूता के स्तनों में दूध नहीं उतरता हैं या फिर बहुत कम मात्र में दूध निकलता हो तो कलौंजी को करीब एक ग्राम की मात्रा उसको प्रतिदिन सुबह व शाम दे सकते हैं इससे प्रसूता स्त्री के स्तनों में दूध बनता है।
  19. अगर किसी को बार-बार या बहुत ज़्यादा हिचकियाँ आती हों तो एक ग्राम पिसी हुई कलौंजी को शहद के साथ मिलाकर चाटने से हिचकी आनी बंद हो जाती है एक उपाय और है आप कलौंजी का चूर्ण 5 ग्राम मक्खन के साथ रोज़ खाएं 4 से 6 दिन में हिचकी आने का रोग दूर हो जाता है।
  20. अगर किसी को चोट लग जाएं या मोच आ जाने के कारण शरीर के उस भाग में सूजन आ गई हो तो फिर उसे दूर करने के लिए आप कलौंजी को पानी में पीस कर सूजन वाली जगह पर लगाएं, इससे सूजन दूर हो जाएगी और दर्द में भी काफी आराम मिलेगा कलौंजी के बीजों को पीसकर हाथ पैरों पर लेप करने से आपके हाथ-पैरों की सूजन ख़त्म हो जाती है।

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