5 ऐसी गलतियां जो हम रोज़ पानी पीते वक़्त करते हैं 5 Mistakes You May Be Making While Drinking Water

दोस्तों हमारी बॉडी में 60% से भी ज़्यादा पानी होता हैं। इसलिए हमारी बॉडी को स्वस्थ रखने के लिए पानी बहुत जरूरी हैं। क्यूंकि बॉडी के सभी अंगो को सही से कार्य करने के लिए पानी की जरूरत होती हैं। कोई भी व्यक्ति बिना खाने के तो कुछ समय तक रह सकता हैं। लेकिन पानी के बिना एक दिन भी रहना असंभव हैं। लेकिन दोस्तों हम में से बहुत से लोग पानी को साधारण समझते हैं और हम समझते हैं, कि पानी को जब चाहे जैसे चाहे जिस तरह से चाहे जितनी मात्रा में चाहे वैसे पी सकते हैं।

लेकिन हमारा ऐसा सोचना बहुत गलत हैं। अगर हम इन गलत तरीको से पानी को पिएंगे, तो ये साधारण सा दिखने वाला पानी हमारे अन्दर बहुत सी बीमारियों को पैदा कर सकता हैं। क्यूंकि इस एक तरह के पानी को अलग-अलग तरीको से पीने से इसका हमारी हेल्थ पर अच्छा और बुरा दोनों तरीको का प्रभाव पड़ता हैं। वज़न घटाना-बढ़ाना और त्वचा को स्वस्थ रखने और इसी के साथ पेट को भी ठीक रखने में पानी बहुत एहम भूमिका निभाता हैं।

इसलिए हमे पानी को सही तरीके से पीना, पानी को कितनी मात्रा में पीना हैं और पानी को गर्म, ठंडा या नॉर्मल टेम्प्रेचर वाला इनमे से किस तरह का पीना हैं और पानी को कब पीना हैं इन सबकी जानकारी होना अति आवश्यक हैं। अगर हमे इन सब के बारे में पता नहीं होगा। तो हम कितनी भी अच्छी से अच्छी चीज़ खा ले। उसका लाभ हमारी बॉडी को होगा ही नहीं। इसलिए पानी को सही तरीके से पीने की जानकारी सभी को होना जरूरी हैं।

क्यूंकि गलत तरीको से पानी पीने का असर हमारी बॉडी पर बहुत बुरा पड़ता हैं। जिससे हमे लीवर की कमज़ोरी, एसिडिटी, गैस, गुर्दों की पथरी, जोड़ो में दर्द, माइग्रेन, बालो का झड़ना, सुस्ती आना, हार्ट प्रॉब्लम, बार-बार बीमार पड़ना, स्किन पर दाद, स्किन का ड्राई होना, वज़न बढ़ाने-घटाने में प्रॉब्लम आना और नींद ना आने जैसी बीमारियों का सामना हमे सिर्फ और सिर्फ गलत तरीके से पानी पीने की वजह से करना पड़ सकता हैं।

99% से भी ज़्यादा लोग गलत तरीको से पानी पीकर अपने स्वस्थ को खराब कर रहे हैं। कही आप भी इतने से एक तो नहीं हैं।  अगर आप भी इस तरह से पानी पीते हैं, तो सावधान हो जाएँ और आज से ही सही तरीके से पानी पीना शुरू कर दे। पानी के सही ढंग से पीने से आपकी स्किन ग्लो करेगी और आप जवाँ बने रहेगे। इतना ही नहीं अगर आप अपना वेट लोस करना चाहते हैं, तो पानी को सही तरीके से पीने से आपका एक महीने में 5 किलो से भी ज़्यादा वज़न बिना किसी डाईट के कम हो जाएंगा।

इस पोस्ट में आप पानी पीने के कुछ ऐसे इम्पोर्टेन्ट पॉइंट जानेगे। जो बहुत ही सिंपल हैं और आप इनको फोलो करके अपने आप को इन बिमारियों से सेफ रख सकेगे, तो फिर चलिए जानते हैं वो ऐसी ख़ास बाते। जिनसे आप अंजान हैं और आज से ही इनको फोलो करके आप खुद को सेफ रख सकते हैं।

पानी पीने का सही तरीका –

हम सबसे बड़ी गलती पानी पीने में करते हैं। ज़्यादातर लोग पानी को जल्दी-जल्दी और खड़े होकर एक सांस में पी जाते हैं। लेकिन पानी पीने का ये तरीका बहुत गलत हैं। कुछ लोग तो इतने बिज़ी होते हैं, कि चलते-चलते ही पानी पीते हैं। इस तरह से पिया गया पानी हमारी बॉडी को नुक्सान के सिवा कुछ नहीं देता हैं। अगर हम एक साथ बहुत सारा पानी खड़े होकर बोतल को मुहं से हटाकर गर्दन को ऊपर करके पीते हैं। तो हमारी किडनी पानी को फ़िल्टर नहीं कर पाती हैं और हमारी बॉडी इस पानी को एक्सेप्ट नहीं करती है और किसी ना किसी तरह से पानी को शरीर से बाहर निकाल देती हैं।

इसी के साथ मुहं से बोतल हटाकर पानी पीने से हमारे आस-पास की गैस मुहं में जाती हैं और फिर फ्यूचर में हमे जोड़ो के दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता हैं। इन सब से आपको बचना हैं, तो पानी को पीने का सही तरीका जाने।

इसलिए जब भी पानी पिएं बैठकर और सिप-सिप करके पिएं और सिप-सिप में भी आपको पानी को इस तरह से पीना हैं। जब आप पानी का एक सिप मुहं में ले, तो इसको 2 से 3 सेकंड मुहं में घुमाएँ (स्कूविश) और तब पानी को निगले। इस तरह से पानी पीने से मुहं में स्लाइवा (लार) पैदा होती हैं और जब हम इस तरह से पानी को स्कूविश करके पिएंगे। तो मुहं में बनी लार पानी के साथ पेट में जाएँगी और ये इससे हमारी पाचन शक्ति बढ़ेगी।

जिस तरह से स्लाइवा भोजन को पचाने में मदद करता हैं, वैसे ही स्लाइवा लिक्विड को पचाने में मदद करता हैं। इसलिए जब भी पानी पिएं सिप-सिप और स्कूविश करके पिएं और बैठकर पिएं और जितनी प्यास को उतना पिएं।

पानी कब पीना चाहिए और कब नहीं –

बहुत सारे लोग खाना खाने के तुरंत बाद या खाने खाने से तुरंत पहले पानी पीते हैं। आपको ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए। क्यूंकि खाना खाने के बाद पानी ज़हर के समान हैं। अगर आप खाना खाने के बाद पानी पीते हैं,तो हमने जो खाना खाया हैं। ये पानी उस खाने को बहुत पतला बना देता हैं और हमारे पेट में पाचक रस ठीक से नहीं निकल पाते हैं। जिससे पाचन क्रिया एकदम धीमी हो जाती हैं, या दूसरे शब्दों में कहे

जब हम खाना खाते हैं, तो हमारे पेट में जठर अग्नि पैदा होती हैं। जो हमारा खाना पचाने का काम करती हैं। अगर आप खाना खाने से पहले या बाद में पानी को पी लेते हैं, तो ये अग्नि बुझ जाती हैं। जिसकी वजह से खाना पचने की जगह सड़ने लगता हैं और फिर गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्या हो जाती हैं। इसलिए खाना खाने से एक घंटा पहले और खाना खाने के एक घंटा बाद ही एक गिलास पानी पिएं।

अगर आप खाने के बीच में पानी पीना चाहते हैं, तब दो से तीन घूँट पानी को स्कूविश करके पिएं। दो से तीन घूँट से मतलब ये नहीं हैं, कि आप पूरा गिलास पानी का पी ले। ऐसा ज़रा भी नहीं करना हैं। दो से तीन घूँट पानी पीने से ये भी फायदा होगा गला आपका गीला हो जाएंगा और अगर आप सूखा खाना खा रहे हैं, वो आसानी से गले से उतर जाएंगा।

रात की अपेक्षा आपको दिन में ही पानी की मात्रा को पूरा कर लेना हैं। क्यूंकि रात के समय ज़्यादा पानी हमारे लिए नुकसानदायक हो सकता हैं। रात को जब हम सोते हैं, तो हमारी बॉडी एक्टिव नहीं रहती हैं। ऐसे में जब हम पानी पीते हैं, तो पानी बॉडी में ठीक से इस्तेमाल हुए बिना ही किडनी में फ़िल्टर होने के लिए चला जाता हैं। इससे किडनी को नुकसान होता हैं।

रात में पानी पीने की वजह से हमे टॉयलेट जाना पड़ता है। जिसकी वजह से हमारी नींद खराब हो जाती हैं और फिर से नींद को आने में समय लग जाता हैं। ज़्यादा पानी पीने की वजह से बार-बार पेशाब (यूरिन) आता हैं और आपको पेशाब न रोकने जैसी समस्या हो सकती हैं। इसलिए एक बार एक गिलास पानी पीने के बाद दूसरी बार पानी को पीने के बीच में कम से कम 45 मिनट या 1 घंटे का गेप रखे। जब आप पेशाब करके आते हैं। तब तुरंत पानी ना पिएं पेशाब करने के 15 से 20 मिनट के बाद पानी को पिएं।

जब हम चाय, कॉफ़ी, कुछ ठंडा जैसे आइसक्रीम खाते है, तब इनके तुरंत बाद भी आप पानी ना पिएं। ऐसा करने से आपको दांत और मसूड़ो की प्रॉब्लम हो जाती हैं। जिससे जब भी आप कुछ ठंडा या गर्म खाएंगे। तो आपके मसूड़ो में झनझनाहट होने लगेगी और इतना ही नहीं कुछ सब्ज़ी ऐसी हैं। जैसे खीरा, टमाटर और मूली अगर आप कच्चा खाते हैं। इनके बाद भी पानी ना पिएं। क्यूंकि सब्ज़ियों में भी पानी होता हैं।

अब बारी आती हैं कि आपको पानी कब पीना चाहिए। सुबह को उठते ही बिना कुछ खाएं आपको एक गिलास खाली पेट पानी पीना हैं। सुबह खाली पेट पानी पीने से ये होता हैं, कि रात में बने हमारी बॉडी के अंदर ज़हरीले पदार्थ नष्ट हो जाते हैं और जब आप रात का खाना खाएं। तब खाने खाने के दो घंटे के बाद दूध पिएं। पानी ना पिएं। क्यूंकि दूध में प्रोटीन होता हैं और ये प्रोटीन रात भर हमारी बॉडी को एनर्जी देता हैं और दूध हमारे दिमाग को भी शांत रखता हैं। जिसकी वजह से हमे नींद भी अच्छी आती हैं और दिन में पानी को जब भी पिएं। बीच में एक-एक घंटे का गेप जरूर रखे।

किस तापमान का पानी हमे पीना चाहिए –

दोस्तों सभी लोगो को गर्मियों में ठंडा पानी पीना बहुत पसंद होता हैं। जब हम ऑफिस या बाहर से थककर आते हैं। तब हम फ्रिज का एकदम ठंडा पानी पीते हैं। कुछ लोग तो पानी में बर्फ डालकर पीते हैं। क्या आप जानते हैं, कि ये ठंडा पानी हमारे लिए कितना हानिकारक हैं। अगर हम ठंडा पानी पीते हैं, तो हमारी बॉडी पहले इस ठंडे पानी को रूम टेम्प्रेचर पर लाती हैं और फिर इस पानी को काम में लाती हैं और ऐसा करने में हमारी बॉडी को डबल मेहनत करनी पड़ती हैं और सारी एनर्जी इसी प्रोसेस में वेस्ट हो जाती हैं।

जब हम ठंडा पानी पीते हैं। तब ये हमारी बॉडी के अन्दर जाकर हमारे द्वारा खाएं गये भोज़न को सख्त बना देता हैं। जिससे हमारी पाचन क्रिया कमज़ोर पड़ जाती हैं। जिससे कब्ज़ की प्रॉब्लम हो जाती हैं। इसलिए पानी रूम टेम्प्रेचर वाला पीना चाहिए। लेकिन गर्मी में हमारा मन ठंडा पानी पीने का करता हैं। तब आप एक मिटटी का घड़ा लेकर इसमें पानी को भरकर रख ले और इस पानी को पिएं।

क्यूंकि मिटटी का घड़ा पानी को उतना ही ठंडा करता हैं। जितनी हमारी बॉडी को जरूरत होती हैं और सर्दियों में हमे हल्का गर्म पानी पीना चाहिए। बस ध्यान रखे हमे ना ज़्यादा गर्म और ना ही ज़्यादा ठंडा फ्रिज वाला या बर्फ वाला पानी नही पीना हैं।

पानी आपको किस बर्तन में पीना चाहिए –

पानी को आपको प्लास्टिक की बोतल में कभी नहीं पीना चाहिए। इसकी जगह पर आप मिटटी की बोतल या गिलास बोतल में पानी पिएं। क्यूंकि हम जब बाज़ार से प्लास्टिक की बोतल लेकर इससे पानी पीते हैं, तो वो पानी फ्रेश नहीं होता हैं। वो पानी डेड होता हैं। जो कई महीनो का रखा हुआ बासी पानी होता हैं। क्यूंकि मार्किट में प्लास्टिक की बोतलों में जो पानी होता हैं। वो पानी पता नहीं कितने हफ्तों पहले फेक्ट्री से पैक होकर निकलता हैं।

फिर उसके बाद दुकानों पर स्टोर पर कई दिनों तक रहता हैं। उसके बाद जाकर कही हमारे पास आता हैं। इसलिए ये पानी लाभदायक नहीं होता हैं। क्यूंकि ये फ्रेश नहीं होता हैं। प्लास्टिक की बोतलों में माइक्रोफाइबर्स पानी के साथ लीच जाते हैं। तो जब हम ये पानी पीते हैं। इसके साथ हमारी बॉडी में ये माइक्रोप्लास्टिक भी पहुँच जाते हैं। इसलिए जब भी पानी पिएं या तो कॉपर की बोतल, स्टील की बोतल, मिटटी की बोतल या गिलास की बोतल में पिएं।

रोज़ कितना पानी पिएं –

हर व्यक्ति को रोज़ कितना पानी पीना चाहिए, यह उस व्यक्ति की लाइफ स्टाइल,  उसका खानपान, वो व्यक्ति किस जगह पर रहता हैं। उस जगह का मौसम, उसकी बॉडी, और उसकी बॉडी से कितना पसीना निकलता हैं। वो व्यक्ति एसी में काम करता हैं या धूप में काम करता हैं, उस व्यक्ति का वज़न और उसकी फिज़िकल एक्टिविटी पर डिपेंड करता हैं।

लेकिन एक इंसान को लगभग एक दिन में ढाई से तीन लीटर पानी पीना चाहिए। गर्मियों के दिनों में पानी की मात्रा बढ़ जाती हैं। क्यूंकि गर्मियों में पसीना ज़्यादा बॉडी से बाहर निकलता हैं। लेकिन हमे बहुत ज़्यादा भी पानी नहीं पीना चाहिए। कुछ लोग ऐसे होते हैं कि सारा दिन पानी ही पीते रहते हैं। जिससे हमारे अंदर पानी की कमी न हो जाएँ। अगर हम जरूरत से ज़्यादा पानी पी लेते हैं।

तो हमारी किडनी का काम बढ़ जाता हैं और खून में सोडियम का लेवल कम होने के चांस बढ़ जाते हैं। इसलिए हमारे ज़्यादा पानी नही पीना चाहिए। अगर आपको ये जानना हैं, कि हम जितना पानी पी रहे हैं वो हमारी बॉडी के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। इसका पता भी लगाया जा सकता हैं। हम अपनी बॉडी में पानी का टेस्ट ले सकते हैं।

अगर आपको यूरिन (पेशाब) डार्क येलो कलर का आ रहा हैं, तब आप जो पानी पी रहे हैं वो बॉडी के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बॉडी में पानी की कमी हैं और अगर आपको यूरिन लाइट येलो कलर का आता हैं, मतलब यूरिन पानी की तरह साफ़ आ रहा हैं। तब आपकी बॉडी को पर्याप्त पानी मिल रहा हैं।

पानी हमारी बॉडी के लिए बहुत जरूरी हैं। पानी हमारे अंगो की सफाई करता हैं और खून को सरकुलेट करता हैं। जिससे हमारे शरीर के सभी अंग सही से कार्य करते हैं। क्या आपको पता हैं हम जो सब्ज़ी या फल खाते हैं उनसे भी हमे पानी मिलता हैं और वो पानी एकदम प्योर नेचुरल होता हैं। अगर आप अपने खाने में रोज़ फल या सब्ज़ियों का सेवन करते हैं। तो आप पानी को कम पिएंगे। क्यूंकि फल और सब्ज़ी भी पानी की कमी को पूरा करेगी।

इस तरह से आपने इस पोस्ट में जाना की हमे किस तरह से और कब-कब कितना और किस तरह का पानी पीना चाहिए। आप इन सिंपल से टिप्स को फोलो करे और अपने गलत ढंग से पानी पीने के तरीको को सुधारे। इस तरह से आप पानी को पिएंगे। तो आप हेल्दी रहेगे कभी बीमार नहीं पड़ेगे।

Post Source: Pro Fit Official

Image Source: Zayka Recipes

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