माँ के हाथ से बने खाने में ज़्यादा स्वाद क्यों होता है?

माँ के हाथ के बने खाने में हमेशा ज़्यादा टेस्टी क्या होता है और क्यों होता है सबसे अहम् बात ये है कि माँ के हाथ के बनें खाने में क्या जादू होता है कि कोई ना ही नहीं कर पता।

माँ के हाथ का बना खाना किसे पसंद नहीं है। यही आज हम आपको बतायेंगे स्वाद कि भावना की धारना के कारण माँ या फिर करीबी लोगो द्वारा प्यार से तैयार किया हुआ खाना ज़्यादा स्वादिष्ट व टेस्टी होता है।

घर में जो माँ खाना बनाती है। वो बहुत ही प्यार से बनाती है घर में आज-कल क्योकि पैसा बहुत ज़्यादा आ गया है। तो बहुत से लोगो ने कुक को रख लिया है अपने घर पर खाना बनाने के लिए।

वह लोग भी जो खाना बना रहे है। उस  खाने में प्यार की भावना नहीं होती क्योंकि वह तो इस भावना से खाना बनाते है कि आप खाओ या ना खाओ मुझे तो पैसों से मतलब है।

उदाहरण के तौर पर

एक बच्चा अगर अपनी माँ को बोले कि एक रोटी और खानी है। तो माँ का चेहरा खिल उठता है। कितने प्यार से वह रोटी बनाएंगी कि आज मेरे बच्चे ने एक रोटी और मांगी तो वह उस रोटी में बहुत ज़्यादा प्यार भर देती है।

और अगर यही बात आप अपने कुक को बोलो। कि एक रोटी और खानी है तो आपको मालूम है ना वह क्या सोच कर बनाने वाला है। पहली बात वह रिएक्ट करेगा कि रोज़ दो खाते है आज ज़्यादा भूक लगी है। क्या हुआ एक रोटी और चाहिए। आटा भी ख़त्म हो गया।

अब और आटा भी गूंधना पड़ेगा रोटी बनाने के लिए तो दोस्तों ऐसी रोटी नहीं खानी चाहिए।

ऐसी रोटी खाने से तो ना खाना ही बहतर है। और यही फर्क होता है क्योंकि माँ बहुत ही प्यार से व दिल लगाकर खाना बनाती है। इसीलिए वह खाना ज़्यादा टेस्टी होता है।

तो फिर दोस्तों क्यों ना आप खुद ही खाना बनाएं यकीन मानिये आप के बनाएं खाने को घर के सभी लोग बहुत खुश होकर खायेंगे।

अगर आपके घर में कोई भी प्रोब्लम है। उसके लिए जो सोल्यूशन है उस बारे में परमात्मा से बात करते हुए खाना बनाए। परमात्मा कल केरे बच्चे का एग्जाम है। इस खाने में बहुत ताकत भरो इस खाने में बहुत शांति भरे ताकि मेरे बच्चे का मन एक दम शांत हो और उसकी सारी टेंशन खत्म हो जाए।

परमात्मा मेरे हसबैंड को बिजनेस की बहुत टेंशन रहती है। मेरे हसबैंड बहुत गुस्सा करते है। में इस खाने में इतनी ताकत और प्यार भरू कि उनका मन शांत हो जाए जैसा अन वैसा मन।

जादू है घर के बने हुए खाने में इसीलिए कहा जाता है। कि अगर किसी को अपना बनाना है। तो उसको खाना खिलाना शुरू कर दो वह आपका हो जायेगा।

क्योकि आपका मन उसके मन से कनेक्ट हो जायेगा। तो दोस्तों आज से ही घर में खाना खुद ही बनाने कि कोशिश करे ये ज़्यादा भारी काम नहीं है।

और ये बात तो सभी जानते है कि दिल का रास्ता पेट से होकर जाता है अगर आपको सबके दिलो पर राज करना है तो अच्छा-अच्छा भोजन बनाकर खिलाएं।

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