आलसी लोग सुबह जल्दी कैसे उठे 3 Secrets To Wake Up Early

सुबह जल्दी उठना हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं। ये बात तो हम सभी अपने बचपन से ही अपने बड़ो से सुनते आ रहे हैं। क्यूंकि सुबह जल्दी उठने से आप निगेटिव थिंकिंग और डिप्रेशन से आसानी से निपट सकते हैं। इतना ही नही सुबह जल्दी उठने से फ्रेशनेस रहती हैं और जल्दी उठने का एक सबसे बड़ा फायदा ये भी हैं, कि हम अपने सारे काम समय पर और आराम से पूरे कर सकते हैं। हमारी बॉडी में हॉर्मोन्स रेगुलेट होते हैं। सुबह जल्दी उतने से हमे एक्सरसाइज या योगा करने का समय मिल जाता हैं।

जल्दी उठने के इतने कमाल के फायदे सबको पता हैं। तभी तो सुबह को जल्दी उठना सभी को अच्छा भी लगता हैं। लेकिन उससे भी प्यारी हमे कुछ लगता है, तो वो हैं हमे हमारी सुबह की नींद। जिससे सभी बहुत प्यार करते हैं। क्यूंकि सुबह की नींद इतनी अच्छी और मीठी होती हैं। कि किसी को भी इससे जागने का मन नहीं करता हैं।

लेकिन हममें से बहुत से ऐसे लोग हैं, जो अपनी देर से उठने की आदत को बदलना चाहते हैं और वो सुबह जल्दी उठना चाहते हैं और इसके लिए बहुत सारे अलार्म भी लगाते हैं और जब अलार्म बजता हैं। तो उसको बंद करके हम वापिस से सो जाते हैं। फिर हम सोचते हैं, कि अगले दिन जल्दी उठेगे और हम ऐसा करने में हम कामयाब भी हो जाते हैं।

हम जोश-जोश में तीन से चार दिन उठने भी लगते है और फिर क्या होता हैं। कि हम जितनी नींद रोज़ लेते थे। उतनी नींद हमे अब नहीं मिल पाती हैं। तब ऐसे में हम दिन में सोने की आदत डाल लेते है। जो कि ये एक गलत आदत हो सकती हैं। क्यूंकि अगर हम सुबह जल्दी उठकर दिन में सो रहे हैं। तब हमे रात को नींद देर से आएँगी और अगर रात को हम देर से सोएंगे। तो फिर सुबह जल्दी नहीं उठ पाएंगे। अगर आपने अपनी दिन की नींद को कण्ट्रोल में कर लिए हैं, तो फिर आप अगली सुबह जल्दी नहीं उठ पाएंगे। इस तरह से आपकी जल्दी उठने की आदत छूट जाएँगी।

आपकी ये आदत इस वजह से छुट जाएँगी। क्यूंकि आप अपने टाइम को मेनेज नहीं कर पाएं। जिसकी वजह से आप सुबह का फायदा नहीं ले पाओगे। इसलिए सुबह जल्दी उठने के आज मैं आपको ऐसे तीन तरीके बताउंगी। जिसको फोलो करके आप 4 या 5 बजे बिना किसी अलार्म के उठ जाएंगे और आपको ये तरीके अभी तक किसी ने नहीं बताएं होगे। क्यूंकि जब भी सुबह जल्दी उठने की बात आती है। तो सब एक ही बात बोलते हैं, कि अलार्म लगाकर सोएं और आप टाइम से उठ जाएंगे।

लेकिन अलार्म से भी हम नहीं उठ पाते हैं। अलार्म को लगाने का भी कोई फायदा नहीं होता हैं। क्यूंकि जब भी अलार्म बजता हैं। हमे उसकी आवाज़ इस मीठी नींद के सामने बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती हैं और हम इसको तुरंत बंद करके फिर से सो जाते हैं। लेकिन आज आप बिना अलार्म उठना सीखेगे सुबह जल्दी उठने से सबसे पावरफुल और ग्रेट थॉट्स आते हैं। अगर हम सोते ही रह गए, तो हमे पूरे दिन में ऐसे थॉट्स नहीं आते हैं।

क्यूंकि सुबह के टाइम सूरज निकलने से डेढ़ घंटा पहले ब्रम्हा मुहूर्त का समय होता है और इस वक़्त हमारा माइंड एकदम शांत और हमारा फोकस, मेंटल क्लैरिटी और सात्विक गुण एकदम हाईएस्ट पीक पर होते हैं और फिर दोपहर आते-आते राजसिक गुण बढ़ने लगता हैं और फिर शाम आने पर तामसिक गुण बढ़ जाता हैं। अगर आप कुछ नया सीखना चाहते हैं। या फिर अपनी बॉडी को स्ट्रोंग बनाना चाहते हैं। तब आप ब्रम्हा मुहूर्त में उठे इसको सोकर बेकार ना जाने दे। क्यूंकि यही वो समय हैं, जब आप जो भी सीखेगे आराम से आपके माइंड में आ जाएंगा और आप हेल्दी भी रहेगे। अब आप सुबह जल्दी उठने के वो तीन तरीके जाने। जिसको फोलो करके आप बहुत ही आराम से रोज़ सुबह जल्दी उठ सकेगे।

स्टेप – 1

अगर हम सुबह 5 बजे उठना चाहते हैं, तो हम 5 बजे या उससे पहले के दो से तीन अलार्म सेट करते हैं। जिनके बजने से हम उठ सके लेकिन आपको ऐसा नहीं करना हैं। आपको 5 बजे या उससे पहले का कोई अलार्म नहीं सेट करना हैं। बल्कि आपको रात के 9 बजे का अलार्म लगाना हैं। क्यूंकि रात के 9 बजते ही आपका अलार्म बजे तो आप अपने बिस्तर पर सोने के लिए लेट जाएँ।

अब आप सोचेगे कि 9 बजे तो नींद भी नहीं आती। तो फिर हम 9 बजे किस तरह सो सकते है। ऐसा इसलिए होता हैं, क्यूंकि हम रात को मोबाइल,लैपटॉप, टीवी और सोशल मीडिया में लगे रहते हैं। क्या आपको पता हैं इन सभी गेजेट्स की स्क्रीन से एक ब्लू लाइट निकलती हैं? जो आपके ब्रेन में मेलाटोनिन नाम के एक केमिकल को सीक्रीट नहीं होने देती हैं। अब आप कहेगे कि ये मेलाटोनिन होता क्या हैं? तो आप पहले इस मेलाटोनिन के बारे में जाने।

मेलाटोनिन एक स्लीप प्रोमोटिंग हॉर्मोन होता हैं। जैसे-जैसे रात होती हैं, तो हमारा माइंड मेलाटोनिन पैदा करता हैं। जिससे आप सो सके लेकिन हम तो अलग-अलग तरह के गेजेट्स में लगे रहते हैं। जिसकी वजह से मेलाटोनिन पैदा नहीं होता हैं और हमे सोने का सिग्नल नहीं मिल पाता है। जिसकी वजह से हम लेट सोते हैं और सुबह जल्दी नहीं उठ पाते हैं।

लेकिन आपको सुबह जल्दी उठने के लिए आपको 5 की जगह रात के 9 बजे का अलार्म सेट करना हैं। इलसिए जब आपका 9 बजे का अलार्म बजेगा। तो आप जो भी काम कर रहे हैं, उन सारे काम को छोड़कर अपने बिस्तर मे चले जाएँ और बिस्तर में आपको कोई भी गेजेट्स नही यूज़ करना हैं। बल्कि आप बुक पढ़ सकते हैं या जर्नल राइटिंग कर सकते हैं। सुबह उठते ही आपको सबसे पहले अपने रूम की लाइट को ओन करना हैं इससे आपको दोबारा नींद नहीं आएँगी।

स्टेप – 2

क्या अपके साथ भी ऐसा होता हैं। जब आपको कही जाना हैं और सुबह जल्दी आपको फ्लाइट पकड़नी हैं, या हमे एग्जाम देने जाना हैं। तब तो हमारी आँख आसानी से बिना किसी अलार्म के खुल जाती हैं। आपको पता हैं ऐसा क्यूँ होता हैं? क्यूंकि हमारे पास सुबह जल्दी उठने का स्ट्रोंग रीज़न होता हैं। हम रात को ही सुबह जल्दी उठने का प्लान बना लेते हैं। जो हमारे सबकोनशियस माइंड में रजिस्टर हो जाता हैं। जिसकी वजह से हम जल्दी उठ जाते हैं और अलार्म से पहले उठ जाते हैं।

इसलिए हमारे पास सुबह उठने की वजह होनी चाहिए। अगर हमारे पास वजह ही नहीं हैं, तब हम कितने भी अलार्म सेट कर ले। हम कभी नही उठ पाएंगे। हमे अपनी मोर्निंग रूटीन को इतना इंस्पायर बनाना हैं, कि जिसकी वजह से हम सुबह जल्दी उठ सके। हमे अपनी रूटीन में अपना आधा घंटा किसी मेरिटेशन या फिर किसी स्पिरिचुअल एक्टिविटी में दे।

सभी की मेरिटेशन अलग होती हैं किसी को डायरी में लिखकर मेडीटेड करना पसंद होता हैं, तो किसी को पूजा- पाठ करना पसंद होता हैं। आपकी जो भी स्पिरिचुअल प्रैक्टिस हैं, उसको आप करे। क्यूंकि इस वक़्त आपका माइंड एकदम शांत होता हैं। इसलिए आप इस समय आराम से मेडीटेड कर सकते हैं।

आप सुबह जल्दी उठकर बुक भी पढ़ सकते हैं। आपको जो भी बुक पढ़ना पसंद हैं, आप उस बुक को पढ़े। क्यूंकि इस टाइम आपका माइंड बहुत शांत होता हैं। आपके आस-पास एकदम शांति होती हैं। जिससे आपका सारा फोकस पढ़ने पर होता हैं और अगर आप स्टूडेंट हैं तो आपको सुबह जल्दी उठकर लर्न करना चाहिए। क्यूंकि इस वक़्त का याद किया हुआ हमारी मेमोरी में अच्छे से रहता हैं और हम पढ़ा हुआ भूलते भी नहीं हैं। जिससे हमारा माइंड शार्प होता है।

सुबह के वक़्त आप योगा, वाकिंग, जोगिंग, रनिंग, डांसिंग या फिर स्विमिंग भी या कोई भी मूवमेंट कर सकते हैं। इसलिए जितने भी दुनिया में कामयाब इंसान होते हैं, वो इन सुनहरे घंटो को अपने हाथ से जाने नहीं जाते हैं। वो इसी वक़्त उठते हैं। इसलिए आपको भी कामयाब बनना हैं, तो आप भी आज से सुबह 5 बजे से उठना शुरू कर दे।

आपको एक बात का भी ख्याल रखना हैं। आप जितनी भी एक्टिविटी कर रहे हैं, उन सब को आपको अपने बेडरूम में नहीं करना हैं। क्यूंकि आप इनमे से कुछ भी एक्टिविटी अपने रूम में करते हैं। तो आप वापिस से सो सकते हैं। इसलिए हर एक्टिविटी को एक डेसिगनेटेड जगह दे। इसलिए सुबह जल्दी उठने के लिए आपके पास एक सॉलिड वजह होनी चाहिए और एक इंस्पाइरिंग रूटीन मोर्निंग भी आपके जल्दी उठने की वजह बन सकता हैं।

स्टेप – 3

जल्दी उठने के लिए आपको रात का खाना भारी नहीं खाना हैं। रात को आपको लाइट खाना खाना हैं। क्यूंकि भारी खाना आपकी नींद को बढ़ाता हैं। आपको भारी खाना खाकर गहरी नींद नहीं आएँगी। जिसकी वजह से आप ज़्यादा सोएंगे और सुबह को जल्दी नहीं उठ पाएंगे। क्यूंकि भारी खाने से हमारे पाचन में बाधा आ सकती हैं। जिसके कारण हमारी रात को काफी बार आँख खुल जाती हैं और हमारी नींद गहरी की जगह लाइट हो जाती हैं। जिसकी वजह से हम देर तक सोएंगे और सुबह को जल्दी नही उठ पाएंगे। भारी खाने के साथ आपको फुल पेट खाना भी नहीं खाना हैं। पेट में थोड़ी जगह आपको छोडनी हैं।

इसलिए रात को आपको लाइट भोजन करना हैं। जिससे आपको गहरी नींद आएँगी और आप सुबह को जल्दी उठ सकेगे। आपको खाने में इस बात का भी ख्याल रखना हैं, आप रोटी या चावल जो भी खा रहे हैं। उसमे आपको सब्ज़ी की मात्रा ज़्यादा लेनी हैं।

इस तरह से आप इन तीनो तरीको को अपनाएँ और आप खुद ही देखेगे, कि आप बिना किसी अलार्म या बिना किसी दूसरे के उठाने से पहले आप खुद ही रोज़ उठना शुरू कर देगे।  

Post Source: Satvic Movement

Image Source: Onlymyhealth

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